सबसे पहले बहुत बहुत धन्यवाद मैडम…मुझे खुद से मिलवाने के लिए…खुद से खुद को आशीर्वाद देना…जीवन में कभी भी हम खुद के बारे में सोचते ही नहीं..आज आपने बताया पहले खुद को आशीर्वाद दो…फिर उस ऊर्जा से दूसरे को आशीर्वाद दो…मैं बहुत भावुक महसूस कर रहा था…और मेरे हृदय चक्र में दर्द हो रहा था…और मेरी तीसरी आँख का चक्र कंपन कर रहा था…उस क्रिया को पूरा करने के बाद मैं सो गया और 30 मिनट के बाद जब मैं उठा..मुझे बहुत धन्य, बहुत खुश, बहुत तनावमुक्त महसूस हुआ…मैं उस भावना को बयां नहीं कर सकता..जो मैं महसूस करता हूँ…वास्तव में मैं बहुत धन्य हूँ।
सोनल यादव