सर में प्रशांति आपके द्वारा शिकायें आसन प्राणायाम क्रिया द्वारा सलग करने से मन शांत और स्थिर होने लगा है।
परिस्थिति भी कैसे हो मन शांत रखना है, बात करना और परिवर्तन सुधार होने लगा है।
क्रोध के समय मैं मन में दयालुता से सामने वाले व्यक्ति का कहना सुखद सुनना चाहता हूँ और उनके साथ दयालु सकारात्मक व्यवहार करना अब जमने लगा हूँ।
प्रशांत