शुरुआत में एक घंटे तक ध्यान के लिए बैठना एक बहुत बड़ा काम लगता है।
ध्यान से पहले दी गई सरल व्याख्या हमें अपने अंदर हो रहे परिवर्तनों को समझने में मदद करती है।
मैंने 15 दिनों में ही स्थूल से लेकर गहन अनुभव प्राप्त कर लिया। 50 मिनट से लेकर एक घंटे तक बैठना बस एक पल की झपकी में बीत जाता है।
न केवल ध्यान में बल्कि दिन के दौरान भी आनंदमय अनुभूति होती है। दिन के दौरान भी अधिक शांत और खुश महसूस होता है। नींद में बहुत सुधार हुआ है और 5 घंटे की नींद के बाद भी मैं ऊर्जावान महसूस करता हूँ।
हमारी प्रगति में योगदान देने के लिए रितु जी और ग्रुप के सदस्यों को बहुत-बहुत आशीर्वाद और प्यार।
सिम्मी शर्मा